उत्तर प्रदेशगोरखपुर

अल्पसंख्यकों को अपनी जागीर समझते कुछ नेता

सपा के उन कथित अल्पसंख्यक नेताओं को नकारने लगी है अल्पसंख्यक जन

 

गोरखपुर। समाजवादी पार्टी में मुस्लिम मतों की ताकत के सहारे कथित मुस्लिम नेताओं ने अपनी जागीर बनाते हुए उनके बहुमत का फायदा पार्टी से लेते चले आ रहे हैं जो अल्पसंख्यकों के हित को दरकिनार कर अपने कमाई का स्रोत बढ़ाने में लगे रहे लेकिन गोरखपुर के लोग अब इन्हें मौका पाकर जागीर बनने की हिमाकत की मिथ्या तोड़ देने की तैयारी में है मालूम हो कि सपा के कथित मुस्लिम नेताओं ने पार्टी व प्रत्याशियों को उल्लू बना कर पक्ष में मतदान कराने की जिम्मेदारी का लाभ लेते हैं जबकि वैसे भी अल्पसंख्यक मतदाता स्वयं भी सपा के पक्ष में मतदान कर देता है लेकिन कथित मुस्लिम नेताओं ने अपने मुस्लिम समाज के मतों का ठेका लेकर प्रत्याशियों से ठीक-ठाक काम करा लेता है ऐसे में मुस्लिम जनों को जानकारी मिलती गई और ऐसे कथित मुस्लिम नेताओं से दूरी बना ली जनपद का मुसलमान इन कथित को तवज्जो देने से कतरा ने लगा है क्योंकि यह कथित मुस्लिमों के वजूद को बेचते हुए अपने तरक्की का रास्ता बनाते चले आ रहे हैं ऐसे कदमों से धीरे-धीरे लोग दूरी बनाने की शुरुआत कर दिए हैं जिसका हस्स होने वाले चुनाव में बेहतर ढंग से मिलेगा

-कांग्रेस के तरफ बढ़ रहा मुस्लिमों का रुझान

गोरखपुर। चुनावी समर में गठबंधन प्रत्याशी को छोड़ अब कांग्रेस की तरफ जिले के अल्पसंख्यकों का रुझान बढ़ने लगा है क्योंकि सपा को मत देते थक गए थे और उसका फायदा तीसरा नेता उठाता रहा लेकिन स्थानीय नेताओं से नाराज होकर अब कांग्रेस की तरफ तेजी से बढ़ते हुए अपने विचार का रुख तैयार कर लिए हैं

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