उत्तर प्रदेशगोरखपुर

अनबुझ कलमकारों से पत्रकारिता की धूमिल हो रही क्षवि

गांव की व मोहल्लों की गलियों में फैले ऐसे लोग धर्म जाति पर करते बात विकास व बेरोजगारी की समस्या से है कोसों दूर

 

गोरखपुर। जनपद में गांव गांव मुहल्लों में अनबुझ कलमकारों ने पत्रकारिता को तार-तार करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसे लोगों को पत्रकारिता क्या चीज है खबरों का सारांश व संदर्भ की बाबत कुछ नहीं जानते बल्कि रसूख के वास्ते भौकाल बनाकर उलूल जुलूस कहानी की बात करते हैं। ऐसे में कथित कलमगारो को जनमानस की समस्या शिक्षित युवाओं की बेरोजगारी विकास की नीतियां शिक्षा क्षेत्र में पिछड़ेपन के कारण तथा सरकारी तंत्रों में मची लूट की होड़ पर उनके पास उसे उजागर करने की ताकत क्षीण है। ऐसे में पत्रकारिता की छवि को धूमिल करने वाले कथित कलमकारों से जनमानस में बू आने लगी है। ऐसे कथित कलम कारों से जनता को दूर रहने की आवश्यकता है। मालूम हो कि पत्रकारिता में गोरखपुर का एक बेहतर वजूद है। उसी वजूद को देख कुछ अन्य जनपदों से युवा समुदाय गोरखपुर में कलमकारी के लिए बैठ बनाना शुरू किये हैं। लेकिन उन्हें यह नहीं मालूम कि जनमानस तथा युवा समुदाय किस तरह की आग में जल रहा है तो उसे आग के बाबत अपनी कलमकारी क्यों नहीं दिखा पाते। बात तो यहां तक चली है कि कलमकारी करके धन कमाने की कारोबार चलाने वाले ऐसे कथित लोग पत्रकारिता की छीछालेदर कर रहे हैं। इतना ही नहीं ऐसे कथित कलमकारो द्वारा स्थानीय अधिकारियों पर भी भ्रमजाल डाल कर भ्रमित करते और अपनी भौकाल बनाने में लगे हैं। फिलहाल समय दूर नहीं की जनमानस आजिज होकर कथित कलमकारों को कुछ बताना शुरू करेगी।

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