उत्तर प्रदेशगोरखपुर

शिक्षित बेरोजगारों का हाल.

बेरोजगारों को रोजगार के लिए बैंक भी नहीं देती ऋण

 

-बिना बिचौलिए के नहीं हो पाती ऋण स्वीकृत

 

 

 

गोरखपुर। सरकार किसी की हो रोजगार के नाम पर शिक्षितो को एक तरफ नौकरी नहीं तो दुसरी तरफ रोजगार के लिए बैंक भी ऋण नहीं देता। क्यों कि सर्वाधिक बैंकों में मैनेजर के पास बिचौलिया काम करता है वही बिचौलिया जिस ऋण पत्रावली में रसूख लेने की बात पक्की करता है वही पत्रावली स्वीकृत होती है। ऐसे में सरकार द्वारा किया जा रहा बेरोजगारों के हित में बातें बेईमानी है। मालूम हो कि जनपद में बैंकों द्वारा दिया गया ऋण उसी व्यक्ति को मिला जो रसूख दिया वरना पत्रावली वापस कर दी जाती है। बैंकों द्वारा इस प्रकार का धंधा वर्षो से चलता चला आ रहा है। बता दें कि ऋण लेने हेतु आवेदन ऑनलाइन करने के बाद जिला उद्योग समेत अन्य विभाग द्वारा उसी व्यक्ति को इंटरव्यू में ऋण स्वीकृत किया जाता जो बिचौलिए के माध्यम से जिला उद्योग को ऋण का 1% रसूख ले लेता है। ऐसे में जिला उद्योग स्वीकृत के बाद ऋण फ़ाइल नामित बैंक में भेज देता जहां बैंक मैनेजर अपने बिचौलिए व्यक्ति के माध्यम से लेन-देन की बात पक्की कर लेता है वरना बैंक मैनेजर ऋण पत्रावली वापस भेज देता है। ऐसे में शिक्षित बेरोजगारों की तो सड़क पर ही खाक छानना है। सूत्रों की मानें तो बैंक बड़े बड़े नामी कारोबारियों के कहने पर बड़े-बड़े ऋण दे देते क्यों कि उन्हें रसूख की रकम आसानी से मिल जाती है जनपद में हजारों युवाओं की पत्रावली बीते वर्षों से बैंक व जिला उद्योग कार्यालय पर खाक छान रही है।

Shortlink http://q.gs/EorNu