गोरखपुर ।कोरोना वायरस के बचाव में जारी लॉक डाउन के नियमों की धज्जी उड़ाते बाहर प्रदेशों से आने वाले श्रमिकों की जमात से बढ़ती पॉजिटिव केसों से शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में अब जबरदस्त भय का माहौल बढ़ता जा रहा है ।क्योंकि जनपद में आने वाले श्रमिकों से अब कोरोना पॉजिटिव का केस बढ़ने लगा है ।जिसके नाते जनपद में अब दर्जन पार कर चुके पॉजिटिव केसो ने रफ्तार पकड़ लिया है। चुकी गांव में आय श्रमिकों कि बिना टेस्ट जांच किए लोगों को छुट्टा छोड़ दिए जाने के कारण करोना वायरस अपनी ताकत दिखाने लगा है ।मालूम हो कि जनपद भर से भारी संख्या में बाहर प्रदेशों में अपनी रोजी रोटी के लिए काम पर लगे थे ।लेकिन कोरोनावायरस की फैली बीमारी के चलते बंद कार्यों से रोटी के लाले पड़ गए जिस के नाते प्रदेश सरकार उन्हें घर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की घर आने वाले मजदूरों की सिर्फ थर्मल स्कैनिंग जांच कर घर भेज दिया गया। घर पहुंचकर गांव में अपने माता पिता बच्चों समेत अन्य लोगों से मिलते रहे पूर्ण रूप से जांच ना होने के कारण कोरोना से संक्रमित श्रमिकों की तबीयत गड़बड़ होने से कोरोना पॉजिटिव केसों की कलई खुलने लगी है ।जिसके नाते गांव की हालात बद से बदतर होने की प्रबल संभावना सामने आने लगी है यदि ऐसे ही पॉजिटिव केसो की बढ़ती रफ्तार रही तो ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की हवा निकलने में कोई कोर कसर नहीं होगा। ऐसे में देखा जाए तो पिपराइच क्षेत्र भी किसी से कम नहीं दिखता फिलहाल आने वाले समय में सुधार नहीं दिखा तो करोना  पॉजिटिव मरीजों की संख्या जनपद में देखने लायक होगा ।जिस के नाते गांव की जनता अपने जीवन की तबाही की इबारत लिखने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी फिलहाल दो गज दूरी मास्क केेके साथ जागरूकता रखनेेे की जरूरत है।
सरकार व स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मास्क लगाने व दो गज की शारीरिक दूरी बनाए जाने की निर्देश दे रहे हैं ।लेकिन लोग उसकी धज्जी उड़ाकर कोरोना वायरस का बुलावा दे रहे हैं ।मास्क के साथ दो गज दूरी बनाने की धज्जी उड़ाना बंद नहीं किया तो परेशानी की सबब रोकपाना आसान नहीं होगा ।जन बचाओ में लोगों को सरकार व स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों पर चलना पड़ेगा क्योंकि यही बचाओ का बेहतर उपाय है।