गोरखपुर । उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व राज्यमन्त्री डॉ के सी पाण्डेय ने भारत सरकार द्वारा कर्मचारियों के मॅहगाई भत्ते और अन्य एरियर के भुगतान पर जनवरी 2020 से जुलाई 2021 तक रोक लगाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि इससे सीधे सीधे कर्मचारी हितों का गला घोंटा गया है। विश्व बैंक से लेकर देश के श्री रत्न टाटा और अजीम प्रेम जी भाई सहित तमाम उद्योगपतियों-सांसदों-विधायको -अधिकारियो,कर्मचारियों-फिल्मजगत से जड़े लोगो तथा कई अन्य देशों ने दिल खोलकर भारत सरकार को कोरोना से लड़ाई के नाम पर अरबो रुपये चन्द दिया है ।डॉ पाण्डेय ने कहा कि सरकार ने महगाई भत्ते पर तो रोक लगा दिया यहां तक कि पेंशनरों को भी नही बख्शा, लेकिन यह गारंटी भी सरकार ले कि आगामी जुलाई 21 तक महगाई भी नही बढ़ेगी और आवयशयक जीवनोपयोगी वस्तुओ तथा जीवनरक्षक दवाओं का मूल्य कम किया जाएगा । सांसदों-विधायको की दो वर्षों की निधि के साथ ही वेतन में तीस प्रतिशत की कटौती करनेवाली मोदी सरकार कर्मचारियों के हाथों में”कटोरा”थमाना चाहती है डॉ  पाण्डेय ने कहा कि”देश की आजादी के बाद”से ही प्रधानमंत्री राहत कोष कार्य कर रहा था, जिसमे सर्वोच्च न्यायालय के मुख न्यायाधीश और संसद में विपक्ष के नेता पढ़ें सदस्य हुआ करते थे अब मोदी सरकार ने कोई नया फण्ड प्रधानमंत्री के नाम से बना दिया है जिसमे सारा चन्दा जा रहा है और उसमें प्रधानमंत्री-वित्तमंत्री-गृहमन्त्री-रक्षा मंत्री ही सदस्य है। कोरोना महामारी के नाम पर अभीतक देश-विदेश-संस्थाओ और निजी तौर पर कितने अरब रुपये का चन्दा आया है उसपर भारत सरकार श्वेतपत्र जारी करे जिससे एवं की जनता को पूरी पूरी जानकारी हो सके। लोकतंत्र में मतदाताओ को यह जानने का मौलिक हक है ।