कुल शरीफ के साथ उर्स-ए-पाक सम्पन्न

गोरखपुर। रहमतनगर स्थित आस्ताने पर हज़रत मोहम्मद अली बहादुर शाह अलैहिर्रहमां के 104वें उर्स-ए-पाक का समापन शुक्रवार को कुल शरीफ, फातिहा ख्वानी व दुआ ख्वानी के साथ हुआ। अकीदतमंदों में लंगर बांटा गया। आस्ताने से मोहब्बत व भाईचारगी का पैगाम आम करने की नसीहत मिली। वहीं नेक बनने, शरीयत पर अमल करने, फराइज को उनके वक्त पर अदा करने, सुन्नतों से नाता जोड़ने, बुराई से बचने, पड़ोसियों, रिश्तेदारों व सभी के साथ अच्छा व्यवहार करने का पैगाम भी मिला। उलेमा-ए-किराम ने कहा कि औलिया-ए-किराम के संपर्क में आने वाले लोग उनसे प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकते हैं। औलिया-ए-किराम की जिंदगी से सबक लेकर लोगों को जिंदगी गुजारनी चाहिए। नेकियों से हमेशा जुड़े रहना चाहिए।

अंत में सलातो-सलाम पढ़कर मुल्क में अमनो-अमान की दुआ मांगी गई। अल्लामा खादिम हुसैन रज़वी के लिए दुआ-ए-मगफिरत की गई। उर्स में आस्ताने के सदर अली मजहर शाह, अली अख्तर शाह, मौलाना अली अहमद, अली गज़नफर शाह, फिरोज अहमद नेहाली, मो. कासिम, मो. आसिफ, मो. अनस, मो. शहजादे, मो. वसीम अहमद, नईम अहमद, शम्स तबरेज, अली यावर, अली अंसार, तौसीफ अहमद, जफ़र शाह, मुजफ्फर शाह, राजू कुरैशी, बब्लू कुरैशी, शौकत अली, मो. आज़ाद, जहीर शेख, इफ्तेखार अहमद आदि मौजूद रहे।