गोरखपुर। दरगाह हज़रत मुबारक खां शहीद नार्मल स्थित तंजीम उलेमा-ए-अहले सुन्नत की मरकजी चांद कमेटी ने सोमवार को इस्लामी माह रबीउल आखिर का चांद नज़र आने की तस्दीक की। कमेटी ने ग्यारहवीं शरीफ शुक्रवार 27 नवंबर को मनाने का ऐलान किया। ग्यारहवीं शरीफ मुसलमानों के बहुत बड़े औलिया हज़रत सैयदना शैख़ अब्दुल कादिर जीलानी अलैहिर्रहमां के उर्स-ए-पाक के मौके पर मनाई जाती है। घरों व मस्जिदों में कुरआन ख्वानी, फातिहा ख्वानी व दुआ ख्वानी होती है। जगह-जगह जलसा-ए-गौसिया आयोजित होता है। कई जगहों से जुलूस-ए-गौसिया भी निकाला जाता है। चांद का ऐलान करने वालों में मुफ्ती अख्तर हुसैन (मुफ्ती-ए-गोरखपुर), दरगाह इमाम कारी अफ़जल बरकाती, कारी शराफत हुसैन कादरी आदि शामिल रहे। कारी अफ़जल बरकाती ने बताया कि जामा मस्जिद दरगाह हज़रत मुबारक खां शहीद नार्मल में मंगलवार से हर रोज बाद नमाज जोहर ‘महफिल-ए-गौसिया’ का आयोजन होगा, जो 27 नवंबर तक जारी रहेगा।