गोराखपुर।मश़ावरती काउंसिल आफ इंडिया के सदस्य एंव आज़मवादी मंच के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आसिम खान ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि ये तो याद ही रखा जाएगा कि एशिया की सबसे ख़ूबसूरत यूनिवर्सिटी और विद्यालय खोलने वाले महान शिक्षाविद मोहम्मद आज़म खान और उनके परिवार को इस्लाम धर्म के सबसे मुबारक महीने रमज़ान , ईदुल फ़ित्र , और ईदुल अज़हा जैसे मूक़द्दस त्योहारों को अपने परिवार के सदस्यों के साथ जेल की कोठरियों में मनाने को बाध्य होना पड़ा और दुर्भाग्य ये कि धर्मनिरपेक्ष दल मूकदर्शक बने देखते रहे ।
मुझे ऐसा लगता है शायद मेरा सोचना गलत भी हो सकता है कि धर्मनिरपेक्ष दल माननीय मोहम्मद आज़म ख़ान के विकल्प के लिए भगवान श्रीकृष्ण , सुदामा , की मित्रता पर चर्चा तो कर रहे हैं , इसका हृदय की गहराइयों से स्वागत होना चाहिए परन्तु नेताजी और मोहम्मद आज़म ख़ान की मित्रता क्या भूल जाना चाहिए ?
श्री ख़ान का ये परिवार के साथ किया गया संघर्ष शायद ही कोई भूल पाएगा उनका ये संघर्ष आज की राजनीति में और कल के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा ।

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